भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर नहीं,बल्कि 20 ट्रिलियन डॉलर हो सकती हैं

कच्चे तेल का भंडार: भारत को अंडमान के समुद्र में कच्चे तेल का बड़ा भंडार मिला है और अगर यह रिजर्व मिल जाता है तो भारत की इकॉनमी का आकर सीधे 5 गुने तक बढ़ जाएगा।

हाईलाइट

(1) अंडमान मे तेल का बड़ा मे तेल का बड़ा भंडार मिला है

(2)  भारत की जीडी 5 गुना हो सकती है

(3) भारत अपनी जरूर का 85% तेल इंपोर्ट करता है

नई दिल्ली: भारत की इकोनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने वाली है लेकिन अभी तक पहुंची नहीं है, अलग-अलग बयानों के अनुसार इसको पहुंचने में अभी टाइम लगेगा, लेकिन इसी बीच एक ऐसे खबर आई है कि जो भारत की तकदीर बदल देगा, भारत की इकोनामी अब 5 ट्रिलियन डॉलर नहीं बल्कि 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है और  इसको पहुंचने में  ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इन सब की जानकारी सरकार ने दी  है और उन्होंने बताया है कि अंडमान के गहरे समुद्र में यह खजाना है मिला है और इसे निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

केंद्रीय पेट्रोलियम हरदीप सिंह पूरी  ने बताया है कि अंडमान के गैर समुद्र में कच्चा तेल और गैस का भंडार मिला है, बताया जा रहा है कि इसको मिलने के बाद हमारी ऊर्जा की ज़रूरतें एक एकदम से पूरी हो जाएगी , उन्होंने बताया है कि यह तेल का भंडार गुयाना में मिले तेल के जितना लग रहा है। अगर खोज और शोध में अनुमान सही निकला तो भारत की जीडीपी एकदम से 5 गुना तक बढ़  सकती है।

भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल अन्य देशों से खरीदता है:

भारत के लिए कच्चे तेल का भंडार बहुत ही ज्यादा मायने रखता है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल अन्य देश से मंगवाता है, भारत कच्चा तेल 42 देश से खरीदता है, लेकिन ईरान और इसराइल की युद्ध के वजह से कच्चे तेल में इजाफा हो रहा है,भारत 46% तेल मिडिल ईस्ट देशों से खरीदता  है,लेकिन युद्ध के वजह से तेल के कीमत बढ़ने की आशंका है। इसका असर भारत के आयात के बिल पर पड़ेगा ।

कच्चे तेल का भंडार कितना विशाल है?

 

केंद्रीय मंत्री के बयान के अनुसार, अंडमान के समुद्र के नीचे मिला यह तरल सोना हाल ही में पाए गए गुयाना के भंडार के जितना लग रहा है,  गुयाना में हाल ही में 11.6 अरब बैरल तेल और गैस  मिला था, जिसे चीन की कंपनी के साथ मिलकर खोजा गया था इस विशाल भंडार के बाद गुयाना कच्चे तेल के उत्पादन में टॉप पर पहुंच सकता है, जो अभी भी 17वे पायदान पर हैं, माना जा रहा है कि अंडमान में मिलने वाला कच्चा तेल 12 अरब बैरल का हो सकता है।

 

भारत को इन कच्चे तेलों में कितना फायदा होगा:

केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि अगर यह तेल हमारे अनुमान के मुताबिक होगा और इसे निकाला जा सका तो  न सिर्फ भारत की तेल की आपूर्ति होगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा , अभी भारत की जीडीपी 4.187 ट्रिलियन डॉलर की है और तेल मिलने के बाद जीडीपी 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है , अभी इसे निकालने की कोशिश जारी है और अगर यह मिल जाता है तो अर्थव्यवस्था को लंबे समय में बहुत फायदा होगा।

 

भारत का बाकी की जरूरत है ,पूरी होती है किधर से:

अंडमान के तेल से पहले भारत में कई जगह से तेल निकला जाता है । असम, गुजरात, राजस्थान,मुंबई और कृष्णा गोदावरी बेसिन से कच्चा तेल निकला जाता है ।भारत में रिफाइन किए गए कच्चे तेल का भी विशाल भंडार तैयार किया है ।यह भंडार विशाखापत्तनम,मंगोलोर और पुडुर में स्थित है ।इसके अलावा,ओडिशा और राजस्थान में भी ऑयल रिफाइनरी बनाया जा रहा है।

 

 

 

 

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